तेल की (बेतुकी) धार

तेल की (बेतुकी) धार

“सत्य पचाना अत्यंत कठिन है” – कार्ल यंग, मनोविज्ञान के जनक चित्र-विचित्र तर्क दिए जा रहे हैं कच्चे तेल की गिरती कीमतों को लेकर| दो साल पहले किसी को सपना भी नहीं आ सकता था कि तेल की कीमतें तीन गुना से भी अधिक गिरकर ३०% के आस-पास पहुँच जाएँगी|Read More …